Operation Mahadev: ऑपरेशन महादेव क्यों पड़ा नाम? पहलगाम के कितनेआतंकवादी हुए ढेर ?

ऑपरेशन महादेव: पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड ढेर, तीन आतंकियों का सफाया

आज, 28 जुलाई 2025 को भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के पास दाचीगाम के जंगलों में बड़े पैमाने पर 'ऑपरेशन महादेव' को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में पहलगाम आतंकी हमले के तीन मुख्य संदिग्ध, जिनमें हमले का मास्टरमाइंड भी शामिल था, मारे गए हैं|


कैसे चला ऑपरेशन महादेव?

सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड समेत तीन आतंकी लिडवास क्षेत्र के घने जंगल में छिपे हैं। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की टीम ने इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरु किया। इस दौरान आतंकियों ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जिसका सेना ने मुहतोड़ जवाब दिया। लगभग छह घंटे तक चली मुठभेड़ में तीनों आतंकवादी मारे गए


ऑपरेशन की खास बातें

  • सेना ने ड्रोन और थर्मल इमेजिंग तकनीक से आतंकियों की हर गतिविधि पर नजर रखी।

  • मुठभेड़ के बाद इलाके से एम4 कार्बाइन, दो एके-सीरीज़ की राइफलें, ग्रेनेड और आईईडी बरामद किए गए। ये हथियार उसी पहलगाम हमले में इस्तेमाल हुए थे.

  • ऑपरेशन के दौरान किसी भी संभावित धमाके को रोकने के लिए रोबोटिक सिस्टम से विस्फोटकों को निष्क्रिय किया गया।


पहलगाम हमला: 96 दिन बाद मिली न्याय

22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम हमले ने देश को झकझोर कर रख दिया था। पांच आतंकियों के समूह ने ट्राइवल एरिया में टूरिस्ट्स पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी — जिनमें से ज्यादातर हिंदू समुदाय के पर्यटक थे। इस घटना को 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) ने अंजाम दिया था, जो पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा का मोहरा माने जाते हैं.

समाज को संदेश

सेना की चिनार कॉर्प्स के प्रवक्ता ने कहा, "ऑपरेशन महादेव आतंक के खिलाफ हमारी 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति का प्रमाण है। जो लोग निर्दोषों की जान लेंगे, उन्हें माफ नहीं किया जाएगा और वे बच नहीं पाएंगे।”

इलाके में अलर्ट, सर्च ऑपरेशन जारी

हालांकि तीन आतंकवादियों का सफाया हो चुका है, इलाके में अभी भी कुछ और आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। सुरक्षाबलों का साझा तलाशी अभियान दाचीगाम जंगलों और आसपास के क्षेत्रों में जारी है. स्थानीय प्रशासन ने लोगों से घरों में ही रहने और ऑपरेशन स्थल के आसपास न जाने की अपील की है.

'ऑपरेशन महादेव' को उसकी बहादुरी, सटीक रणनीति और अत्याधुनिक तकनीक की वजह से बड़ी कामयाबी माना जा रहा है.



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